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मोहन भागवत सेवा, समर्पण और गौरव के प्रेरणास्रोत

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मोहन भागवत सेवा, समर्पण और गौरव के प्रेरणास्रोत
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परमपूज्य सरसंघचालक डॉ. मोहन भागवत जी — सेवा, समर्पण, स्वाध्याय और सांस्कृतिक गौरव के प्रेरणा-पुंज 

विजय कुमार सिन्हा 

एबीएन एडिटोरियल डेस्क। आज उस महान व्यक्तित्व का जन्मदिवस है, जिनका जीवन राष्ट्रसेवा, संगठन, संस्कार और समाज के प्रति समर्पण की एक प्रेरणादायी गाथा है। परमपूज्य सरसंघचालक डॉ. मोहन भागवत जी के व्यक्तित्व को जितना निकट से देखने और समझने का अवसर मिला, उतना ही उनके प्रति श्रद्धा और आत्मीयता गहरी होती गयी। उनके भीतर नेतृत्व की विराटता के साथ-साथ सहजता, सरलता और विनम्रता का अद्भुत समन्वय दिखाई देता है। जब-जब उनके स्नेहिल सानिध्य में बैठने और संवाद करने का अवसर मिला, ऐसा कभी अनुभव नहीं हुआ कि हम किसी औपचारिक मुलाकात में हैं। उनका आत्मीय व्यवहार और प्रत्येक व्यक्ति को सम्मान देने की सहज प्रवृत्ति मन को भीतर तक स्पर्श करती है। राष्ट्र और समाज के प्रति उनका नि:स्वार्थ समर्पण ही उनके व्यक्तित्व की सबसे बड़ी शक्ति है। 

मेरे लिए यह विशेष आत्मीयता का विषय है कि बिहार से उनका लंबे समय से सांगठनिक जुड़ाव रहा है। बिहार की सामाजिक-सांस्कृतिक चेतना, यहां की प्रतिभा और अपार संभावनाओं के प्रति उनका विशेष आग्रह सदैव प्रेरणा देता रहा है। उनके मार्गदर्शन से बिहार के हम सभी कार्यकतार्ओं को यह विश्वास मिलता रहा है कि अपनी जड़ों से जुड़कर, अपनी सामर्थ्य को पहचानकर और समाज को साथ लेकर हम राष्ट्रनिर्माण में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकते हैं। 

उनका चिंतन केवल वर्तमान की चुनौतियों का उत्तर नहीं देता, बल्कि आने वाले भारत की दिशा भी निर्धारित करता है। सामाजिक समरसता, कुटुंब प्रबोधन, पर्यावरण संरक्षण, स्वदेशी आचरण और नागरिक कर्तव्यबोध जैसे विषयों के माध्यम से उन्होंने समाज के प्रत्येक वर्ग को राष्ट्र के प्रति अपने दायित्व से जोड़ने की दिशा में निरंतर प्रेरित किया है। विशेष रूप से युवाशक्ति के प्रति उनका विश्वास और उनका मार्गदर्शन आज के भारत के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण है। आत्मविश्वासी, संस्कारित और कर्तव्यनिष्ठ युवा ही आत्मनिर्भर एवं वैभवशाली भारत की सबसे बड़ी शक्ति बन सकते हैं। 

उनकी दृष्टि में भारत केवल भौगोलिक सीमा नहीं, बल्कि एक जीवंत सांस्कृतिक चेतना है। एक भारत, श्रेष्ठ भारत की भावना को जन-जन के जीवन में उतारने का उनका चिंतन हमें अपनी विविधताओं में एकता और अपनी परंपराओं में आधुनिक भारत की शक्ति देखने की प्रेरणा देता है। आज जब भारत विश्व पटल पर अपनी नई पहचान और नयी भूमिका स्थापित कर रहा है, तब डॉ. मोहन भागवत जी का ध्येयनिष्ठ मार्गदर्शन हम सभी के लिए अत्यंत मूल्यवान है। 

उनके विचारों और मार्गदर्शन से प्रेरणा लेकर हम सभी राष्ट्र को परम वैभव की ओर ले जाने के संकल्प को और अधिक दृढ़ करने का प्रयास करते रहें—यही उनके जन्मदिवस पर उनके प्रति हमारी सच्ची श्रद्धा और सम्मान होगा। ईश्वर से मेरी प्रार्थना है कि परमपूज्य डॉ. मोहन भागवत जी को उत्तम स्वास्थ्य, अटूट ऊर्जा, सक्रिय एवं सुदीर्घ जीवन प्रदान करें, ताकि उनका मार्गदर्शन आने वाली पीढ़ियों को भी राष्ट्रसेवा की प्रेरणा देता रहे। जीवेत् शरद: शतम् की मंगलकामना के साथ परमपूज्य सरसंघचालक डॉ. मोहन भागवत जी को जन्मदिवस की हार्दिक बधाई एवं कोटिश: शुभकामनाएं। परमपूज्य डॉ. मोहन भागवत जी को जन्मदिवस पर सादर नमन एवं हार्दिक अभिनंदन। (लेखक वरिष्ठ भाजपा नेता सह बिहार सरकार में मंत्री हैं। ये उनके निजी विचार हैं।)

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