भारतीय जहाजों पर अमेरिकी हमलों में 3 भारतीयों की मौत, भारत ने की पुष्टि, कहा- स्थिति पर हमारी पैनी नजर
एबीएन सेंट्रल डेस्क। पश्चिम एशिया में जारी संघर्ष की आग अब भारतीय परिवारों तक पहुंच गयी है। ओमान तट के पास वाणिज्यिक जहाज एमटी सेटेबेलो पर अमेरिकी सैन्य कार्रवाई में तीन भारतीय नाविकों की मौत ने भारत में गहरा आक्रोश पैदा कर दिया है। घटना के बाद भारत सरकार ने नयी दिल्ली में अमेरिकी दूतावास के प्रभारी अधिकारी को तलब कर कड़ा विरोध दर्ज कराया है।
नागरिक जहाजों को निशाना बनाये जाने पर गंभीर चिंता जतायी है। यह घटनाक्रम ऐसे समय सामने आया है जब खाड़ी क्षेत्र में समुद्री मार्गों पर लगातार खतरा बढ़ रहा है और ओमान के शिनास बंदरगाह के पास एक अन्य पोत से जुड़ी नयी घटना की भी जांच चल रही है।
तीनों भारतीय नाविकों की मौत की पुष्टि
केंद्रीय पत्तन, पोत परिवहन और जलमार्ग मंत्री सर्वानंद सोनोवाल ने पुष्टि की है कि एमटी सेटेबेलो पर हुए हमले में लापता बताये गये तीनों भारतीय नाविकों की मौत हो गयी है। मृतकों की पहचान दित्य शर्मा (23), हिमाचल प्रदेश), शिवानंद चौरसिया देवरिया, उत्तर प्रदेश व पटनाला सुरेश आंध्र प्रदेश के रूप में हुई है। सोनोवाल ने कहा कि बचाये गये नाविकों और मृतकों के पार्थिव शरीरों को जल्द भारत लाने के निर्देश दिये गये हैं।
विदेश मंत्रालय और फॉरवर्ड सीमेंस यूनियन आॅफ इंडिया (एफएसयूआई) के अनुसार, पलाऊ ध्वज वाले एमटी सेटेबेलो पर कुल 24 भारतीय चालक दल सदस्य सवार थे। ओमान के अधिकारियों के साथ चलाये गये बचाव अभियान में 21 भारतीयों को सुरक्षित निकाल लिया गया। एफएसयूआई के महासचिव मनोज यादव ने बताया कि जहाज से संपर्क टूट जाने से शुरुआती घंटों में स्थिति स्पष्ट नहीं हो सकी थी।
अमेरिका ने हमले की बात स्वीकार की
यूनाईटेड स्टेट्स सेंट्रल कमांड ने हमले की पुष्टि करते हुए दावा किया है कि जहाज कथित तौर पर ईरान से तेल ले जा रहा था और अमेरिकी नाकेबंदी का उल्लंघन कर रहा था। अमेरिकी पक्ष का कहना है कि कार्रवाई उसके समुद्री सुरक्षा अभियान का हिस्सा थी। हालांकि भारत ने इस घटना को बेहद गंभीर मानते हुए कहा कि वाणिज्यिक जहाजों और नागरिक बुनियादी ढांचे को निशाना बनाया जाना बंद होना चाहिए।
भारत ने नयी दिल्ली में अमेरिकी दूतावास के प्रभारी अधिकारी जैसन मिक्स को तलब कर औपचारिक विरोध दर्ज कराया। विदेश मंत्रालय ने कहा कि अंतरराष्ट्रीय समुद्री मार्गों पर निर्बाध आवाजाही सुनिश्चित की जानी चाहिए और क्षेत्र में नागरिक जहाजों को निशाना बनाए जाने की घटनाएं तत्काल रुकनी चाहिए।
ओमान के पास नयी घटना से बढ़ी चिंता
इस बीच मस्कट स्थित भारतीय दूतावास ने गुरुवार को बताया कि उसे ओमान के शिनास बंदरगाह के निकट एक अन्य पोत से जुड़ी घटना की सूचना मिली है। दूतावास ने कहा कि वह स्थिति पर करीबी नजर रखे हुए है और स्थानीय अधिकारियों के साथ समन्वय कर रहा है।
एफएसयूआई ने समुद्र में धुएं से घिरे एक जहाज की तस्वीरें भी जारी की हैं। यूनियन का दावा है कि उस पोत पर लगभग 20 भारतीय नाविक सवार हो सकते हैं, हालांकि इसकी आधिकारिक पुष्टि अभी नहीं हुई है।