टीम एबीएन, रांची। झारखंड में लोग भीषण गर्मी से परेशान हैं। अभी एक सप्ताह तक इस गर्मी से राहत मिलने के आसार नहीं दिख रहे हैं। मौसम विभाग ने भी बुरी खबर ही दी है। मौसम ने 9 जून तक झारखंड के अलग-अलग हिस्सों में लू चलने यानी हीट वेव का येलो अलर्ट जारी किया है। संताल परगना में तो 5 जून से ही लू का कहर दिखने लगेगा।
भारत मौसम विज्ञान विभाग (आईएमडी) के रांची स्थित मौसम केंद्र ने रविवार को यह चेतावनी जारी की है। मौसम विभाग के पूवार्नुमान पदाधिकारी ने जो चेतावनी जारी की है, उसमें कहा गया है कि 4 जून (सोमवार) को संताल परगना के देवघर, दुमका, गोड्डा, जामताड़ा, पाकुड़ और साहिबगंज के अलावा पड़ोसी जिले गिरिडीह एवं धनबाद में भी कुछ-कुछ जगहों पर लू की स्थिति देखी जा सकती है। इसके बाद अगले 5 दिन तक ऐसी ही स्थिति बनी रह सकती है।
5 और 6 जून को संताल एवं कोल्हान प्रमंडल में चलेगी लू
इसी तरह, 5 जून (मंगलवार) को राज्य के पूर्वी हिस्से यानी संताल परगना के सभी 6 जिलों (देवघर, दुमका, गोड्डा, साहिबगंज, पाकुड़ और जामताड़ा) में लू के थपेड़े से लोग परेशान रहेंगे। इसके बाद 6 जून को संताल परगना के साथ-साथ धनबाद, गिरिडीह जिले और कोल्हान के सभी तीन जिलों पश्चिमी सिंहभूम, पूर्वी सिंहभूम एवं सरायकेला खरसावां में लू का असर देखा जायेगा।
6 से 9 जून तक झारखंड में पड़ेगी प्रचंड गर्मी
इसके बाद 6 जून से 9 जून तक समूचे झारखंड में प्रचंड गर्मी का अनुभव लोगों को होगा। मौसम विभाग ने इस दौरान लोगों को सावधानी बरतने की भी सलाह दी है।
एबीएन सेंट्रल डेस्क। अंडमान निकोबार द्वीप समूह के ऊपर 19 मई से अटके दक्षिण-पश्चिमी मानसून ने 29 मई को रफ्तार पकड़ी है। 15 जून से देश के ज्यादातर हिस्सों में बारिश शुरू होने की संभावना है।
मौसम विभाग के मुताबिक, सामान्य गति से चलते हुए मानसून को 22 से 26 मई तक अंडमान निकोबार द्वीप समूह को पार करते हुए बंगाल की खाड़ी में आगे बढ़ जाना चाहिए था, लेकिन यह उस स्थिति में 31 मई को पहुंचा है।
इस तरह से यह सामान्य की तुलना में करीब एक सप्ताह देरी से चल रहा है। मानसून की गति को देखते हुए अनुमान लगाया गया है कि एक जून को केरल और तमिलनाडु में पांच जून तक कर्नाटक, आंध्र प्रदेश और पूर्वोत्तर में मानसूनी बारिश शुरू हो जायेगी। 10 जून तक मानसून महाराष्ट्र व तेलंगाना तक पहुंच जायेगा।
15 जून से गुजरात, मध्यप्रदेश, छत्तीसगढ़, झारखंड, ओडिशा, बंगाल, बिहार और उत्तर प्रदेश के ज्यादातर हिस्सों में मानसूनी बारिश होने लगेगी। 20 जून से राजस्थान, हरियाणा, पंजाब, उत्तराखंड, हिमाचल व जम्मू-कश्मीर तक बारिश होगी।
मानसून का यह दौर आठ जुलाई तक जारी रहेगा। मौसम विभाग के मुताबिक, उत्तरी पाकिस्तान के ऊपर मध्य और ऊपरी क्षोभमंडलीय स्तर पर चक्रवाती प्रवाह बना हुआ है। वहीं, पंजाब के ऊपर क्षोभमंडल के निचले स्तर पर चक्रवात प्रेरित हवाएं चल रही हैं, जिनसे पश्चिमी विक्षोभ की स्थिति बनी हुई है।
इसके अलावा दक्षिण-पश्चिम राजस्थान और उससे सटे पाकिस्तान व मध्य प्रदेश में भी क्षोभमंडल के निचले स्तरों पर चक्रवाती हवाएं चल रहीं हैं। इसके बाद एक जून से एक और पश्चिमी विक्षोभ उत्तर-पश्चिम में शुरू हो जायेगा, जो मानसून की गति को बरकरार रखेगा।
एबीएन सेंट्रल डेस्क। डिया मेट्रोलॉजिकल डिपार्टमेंट ने शुक्रवार को कहा कि मानसून के 4 जून को केरल में शुरू होने की उम्मीद है और इस साल इसके सामान्य रहने की संभावना है। आईएमडी ने कहा, हम मानसून के 4 जून के आसपास केरल पहुंचने की उम्मीद कर रहे हैं। 1 जून से पहले हमें मानसून के आने की उम्मीद नहीं है। इस साल मानसून सामान्य रहने की संभावना है।
आईएमडी ने यह भी कहा कि भविष्यवाणियों के अनुसार, जो अब तक उत्तर पश्चिम भारत में है, इस साल सामान्य से कम बारिश होगी। अगले एक हफ्ते तक अरब सागर में चक्रवात की संभावना नहीं है। उत्तर पश्चिम भारत में अब तक सामान्य से कम बारिश होगी।
आईएमडी ने कहा कि देश के उत्तरी हिस्से में प्री-मानसून बारिश का कारण पश्चिमी विक्षोभ की मौसमी घटनाएं हैं। आईएमडी ने कहा कि पश्चिमी विक्षोभ के कारण, हमने बारिश और गरज के साथ गतिविधि देखी है। इसलिए, उसकी वजह से, हम दिल्ली और पड़ोसी शहरों में थोड़ी राहत देख रहे हैं।
यदि वर्षा का वितरण सभी जगह लगभग समान हो तो यह एक आदर्श स्थिति होगी। कोई दिक्कत नहीं होगी। अगर हमें हर जगह समान वितरण मिलेगा तो कृषि पर ज्यादा प्रभाव नहीं पड़ेगा। उत्तर पश्चिम भारत में फिलहाल सामान्य से कम बारिश होगी।
भारत मौसम विज्ञान विभाग के अनुसार दक्षिण पश्चिम मानसून आम तौर पर 1 जून को केरल में लगभग 7 दिनों के मानक विचलन के साथ सेट होता है।
बता दें कि भारत मौसम विज्ञान विभाग 2005 के बाद से केरल में मानसून की शुरुआत की तारीख के लिए परिचालन पूवार्नुमान जारी कर रहा है। पिछले साल, आईएमडी की 27 मई की भविष्यवाणी के दो दिन बाद 29 मई को केरल में मानसून आया था।
टीम एबीएन, रांची। झारखंड वासियों ने सोचा था कि राज्य में बारिश होने से गर्मी से राहत मिल जाएगी, लेकिन क्या पता था कि तेज आंधी और बारिश लोगों के लिए जानलेवा साबित होगी।
बिजली गिरने से 6 लोगों की मौत
दरअसल, राज्य में तेज आंधी और बारिश के चलते कई जगहों पर बिजली गिरी है, जिसमें 6 लोगों की मौत हो गई है। बारिश और ओले पड़ने की वजह से कई जिलों में बिजली आपूर्ति बाधित हो गयी है। इतना ही नहीं बताया जा रहा है कि राज्य के कई जिलों में 60 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से हवा चल रही है। तेज हवा चलने के कारण कई इलाकों में सड़क पर पेड़ गिर गये हैं।
खंभे व पेड़ के नीचे खड़ने से है खतरा
मौसम केंद्र के मुताबिक झारखंड के मध्य, पूर्वी व दक्षिण भाग के जिले जैसे गोड्डा, साहिबगंज, पाकुड़, दुमका, देवघर, जामताड़ा, धनबाद, गिरिडीह, बोकारो, हजारीबाग, रांची, खूंटी, पश्चिम सिंहभूम, पूर्वी सिंहभूम व सरायकेला खरसावां में आज भी बारिश के साथ वज्रपात देखने को मिल सकती है।
इन जिलों में आरेंज अलर्ट जारी किया गया है। साथ ही लोगों को अलर्ट किया गया है कि यदि हल्की बारिश भी होती हैं तो घर से बाहर न निकलें और और घर के बाहर है तो किसी सुरक्षित स्थान का सहारा लें।
खंभे के नीचे व पेड़ के नीचे बिल्कुल भी ना खड़े रहे। वहीं, जमशेदपुर जिले में मूसलाधार बारिश के चलते शहर के सड़कों पर बाढ़ की स्थिति उत्पन्न हो गई। वहीं, मूसलाधार बारिश और तेज हवा होने से ग्रामीण क्षेत्र में काफी नुकसान होने की खबर है।
टीम एबीएन, रांची। झारखंड भीषण गर्मी की चपेट में है। राज्य के कई जिलों का अधिकतम तापमान 40 डिग्री सेल्सियस से पार चल रहा है। संताल और कोयलांचल के जिलों का अधिकतम तापमान लगातार 40 डिग्री सेल्सियस से अधिक रिकॉर्ड हो रहा है।
तेज धूप और उमस भरी गर्मी से लोग बेहाल हैं। दिन चढ़ते ही तापमान में बढ़ोतरी हो रही है। राज्य के ज्यादातर जगहों पर गर्म हवा औ लू चल रही है। सुबह नौ बजे से लेकर शाम पांच बजे तक घर से निकलना मुश्किल हो गया है।
मौसम विज्ञान केंद्र के वैज्ञानिक अभिषेक आनंद ने रविवार को बताया कि राज्य में अभी गर्मी से राहत नहीं मिलने वाली है। अगले तीन-चार दिनों तक तापमान चढ़ने के आसार हैं। इस दरम्यान कहीं-कहीं बादल, गर्जन और वज्रपात भी हो सकता है।
ऐसी स्थिति 25 जून तक रह सकती है। पिछले एक सप्ताह से राजधानी रांची का अधिकतम तापमान लगातार 40 डिग्री सेल्सियस के आसपास है। मौसम विभाग के आंकड़े के मुताबिक डालटेनगंज का अधिकतम तापमान 43 डिग्री रहा। जमशेदपुर का तापमान 41.4 डिग्री रहा।
एबीएन सेंट्रल डेस्क। बंगाल की खाड़ी में बनने वाले सिस्टम में लगातार कमी आ रही है, इससे झारखंड में प्री मानसून गतिविधियां बदल रहीं हैं। इसका नतीजा है कि राज्य में प्री-मानसून वाली बारिश में कमी आयी है।
मौसम विभाग (रांची) के मौसम वैज्ञानिक अभिषेक आनंद ने बताया कि प्री मानसून में बारिश कम हो रही है, तापमान बढ़ रहा है। जलवायु परिवर्तन के कारण ही मौसम भी बदल रहा है और ऋतुओं के प्रभाव पर भी बदलाव आ रहा है।
बंगाल की खाड़ी में मार्च से मई तक अमूमन 3 से 4 सिस्टम बनते हैं, लेकिन 2022 को छोड़ बीते 10 वर्षों में एक बार भी 2 से अधिक सिस्टम नहीं बना है। मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार, सिस्टम में गड़बड़ी का असर इस साल भी दिख रहा है। इस बार सिर्फ एक सिस्टम बना है। विशेषज्ञों का मानना है कि वेस्टर्न डिस्टर्बेंस का प्रभाव बढ़ा है। इस वजह से भी प्री-मानसून की गतिविधियों में बदलाव आया है।
बंगाल की खाड़ी में सिस्टम की कमी का असर
मौसम वैज्ञानियों की मानें तो बंगाल की खाड़ी में बनने वाले सिस्टम की कमी का असर बिहार, यूपी, छतीसगढ़ और मध्य प्रदेश के कुछ भाग भी पड़ा है। यहां भी मानसून से पहले होने वाली बारिश घटी है। रांची मौसम विज्ञान केन्द्र के वैज्ञानिक अभिषेक आनंद के अनुसार यह असर खाड़ी में तूफान के स्वरूप पर निर्भर करता है।
खाड़ी के दक्षिणी हिस्से में बने सिस्टम का देश के दक्षिणी हिस्सों पर पड़ता है। झारखंड पर इसका आंशिक असर पड़ता है और हल्की बारिश होती है। बंगाल की खाड़ी में बनने वाले चक्रवातीय तूफान यदि उड़ीसा और बंगाल के तटवर्ती इलाकों से टकराते हैं तो इसके प्रभाव से झारखंड समेत बिहार, छग, मध्य प्रदेश के पूर्वी हिस्से व यूपी के पूवार्चंल तक बारिश होती है।
मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार खाड़ी में बने पिछले पांच सिस्टम में से एक का भी प्रभाव झारखंड पर नहीं पड़ा। इसका ताजा उदाहरण तीन दिन पहले मोचा तूफान है, जो झारखंड के संपर्क में आया ही नहीं। 2022 में चार सिस्टम बने, इसमें तीन का असर नहीं पड़ा। जबकि एक संताल तक सीमित रहा।
एबीएन सेंट्रल डेस्क। संयुक्त राष्ट्र ने बुधवार को चेतावनी जारी करते हुए कहा है कि अगले पांच साल दुनियाभर में भयंकर गर्मी पड़ सकती है। अगले पांच साल अब तक के सबसे गर्म साल हो सकते हैं। यूएन वेदर एजेंसी ने कहा ग्रीनहाउस गैसें और अल नीनो मिलकर तापमान को बढ़ा रहे हैं।
वर्ल्ड मेट्रोलॉजिकल आर्गेनाइजेशन ने बताया पेरिस जलवायु समझौते में जो ग्लोबल टेम्परेचर्स सेट किया गया था, वह उससे पार करने वाला है। अगले पांच साल दुनियाभर में जबरदस्त गर्मी देखने को मिलेगी। एजेंसी ने बताया कि 2015-2022 के साल अब तक के सबसे गर्म साल रहे हैं।
यूएन वेदर एजेंसी ने बताया कि क्लाइमेट चेंज में तेजी के चलते तापमान में बढ़ोतरी की संभावना जताई गई है। वर्ल्ड मेट्रोलॉजिकल आगेर्नाइजेशन ने बताया कि 98 फीसदी संभावना है कि अगले पांच साल पूरी दुनिया में भयंकर गर्मी होगी। डब्ल्यूएमओ ने बताया कि 66 प्रतिशत संभावना है कि 2023-27 के बीच एनुअल ग्लोबल सरफेस का तापमान 1.5 से अधिक हो जायेगा।
इन पांच साल में हर साल के लिए 1.1 से 1.8 का लिमिट रखा गया है। यूएन वेदर एजेंसी के चीफ पेटेरी तालस ने बताया कि डब्ल्यूएमओ के लिए खतरे की घंटी बज रही है कि हम टेम्परेरी बेसिस पर 1.5 के स्तर को पार कर जायेंगे। एजेंसी ने बताया कि आगामी दिनों में अल नीनो के डेवलप होने की प्रबल संभावना है।
यह मानव-प्रेरित जलवायु परिवर्तन के साथ मिलकर वैश्विक तापमान को अज्ञात क्षेत्र में धकेल देगा। हेल्थ, फूड सिक्योरिटी, वाटर मैनेजमेंट और एनवायरनमेंट पर इसके गहरे प्रभाव पड़ेंगे। इसके लिए हमें तैयार रहने की आवश्यकता है। अल नीनो प्रशांत महासागर में आने वाला एक किस्म का मौसमी बदलाव है।
इस दौरान मौसम में कभी भी बदलाव आ सकता है। बेमौसम बारिश, प्रचंड गर्मी, कभी सर्दी... जैसी स्थिति उत्पन्न होने लगती है। अल नीनो के विकसित होने के बाद के 2024 में वैश्विक तापमान बढ़ेगा। डब्ल्यूएमओ ने कुछ दिन पहले कहा था कि अल नीनो के विकसित होने की संभावना जुलाई के अंत तक 60 फीसदी और सितंबर के अंत तक 80 फीसदी थी।
टीम एबीएन, रांची। झारखंड में बारिश के बाद मौसम ने करवट ले ली है। अब झारखंड का पारा हाई हो गया है। तापमान 40 से 45 डिग्री के बीच चला गया है। लोग चिलचिलाती धूप से परेशान नजर आ रहे हैं। लू के कारण लोग घर से बाहर नहीं निकल रहे हैं।
गर्मी का आलम यह है कि दोपहर 12 के बाद से बाजार में सन्नाटा पसर जा रहा है। मार्केट में इक्के दुक्के लोग ही नजर आते हैं। ऐसे में मौसम विभाग ने भी अलर्ट जारी किया है। लोगों से लू और धूप में बेवजह नहीं निकलने की हिदायत दी गयी है।
अभी कुछ दिन पहले तक झारखंड का मौसम बारिश की वजह से सुहावना हो गया था। अब फिर से मौसम गर्म रहने लगा है। झारखंड राज्य में पिछले 24 घंटों की बात करे तो इसमें सबसे ज्याद तापमान वाले शहरों में जमशेदपुर का स्थान पहले पायदान पर है।
जहां का तापमान 42 डिग्री से ऊपर दर्ज किया गया। शहर में लोग प्रतिदिन लोग गर्म हवाएं और लू की चपेट में आने से बीमार पड़ रहे हैं। वहीं, राजधानी रांची की बात करें तो यहां का पारा भी 40 से ऊपर दर्ज किया गया है। बढ़ती गर्मी से सबसे ज्यादा परेशानी छोटे बच्चों को हो रही है।
हालांकि राहत वाली बात ये है कि रांची मौसम विज्ञान केंद्र ने ये अनुमान लगाया है कि अगले 24 घंटे में मौसम के फिर से करवट ले सकती है। मौसम विभाग के अनुसार झारखंड के कई इलाकों में बारिश हो सकती है। बारिश के बाद तपती गर्मी में लोगों को राहत मिलेगी।
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